Posts

Showing posts with the label प्रेरक कविताएँ

दोस्तो दिल थाम कर पढना बहुत ही नायाब पेश कश की है देश के जवानो के नाम...

Image
दोस्तो दिल थाम कर पढना बहुत ही नायाब पेश कश की है देश के जवानो के नाम... आ जाओ मेरे सिपाही..... दीवाली का वादा था, अब होली पर तो आ जाना, तुम बिन क्या तीज त्योहार,बस बच्चों को है बहलाना । नही लगता है मन कहीं भी, थम गये हैं मेरे रात दिन, रुक गया है जैसे जीना, बस है साँसो का ताना बाना । थरथराते हैं मेरे हाँथ सजन,  जब छूती हूँ भेजे रुपये, खर्चने को मन करता नही, चूल्हा भी नही चाहती बुझाना। सहलाती रहती हूँ वो साड़ी, जो लाये थे पिछले सावन, पहनूंगी जब तुम आओगे, अभी तो ठीक है वही पुराना । कटती नही है मुझसे प्रियतम, ये लंबी लंबी राते , होते जो पास तो सो जाती,  लेकर बाँहों का सिरहाना । देकर मुट्ठी भर चाँदनी, भर गये अमावस आँचल में, बैरागन सी फिरती हूँ,  बस काम ख़तों को है दोहराना । बैठी हूँ राह देखती मैं ,आ जाओ मेरे सिपाही तुम, लहराते आना तिरंगा हाय, न इसमे लिपटकर आ जाना, मातृभूमि की रक्षा मे, दिया है मैने सब सुख अपना, पर कसम तुम्हे भवानी माँ, सिंदूर मेरा हर हाल बचाना।

#प्रेरक कविता- कोशिश करने वालों की हार नहीं होती...हरिवंशराय बच्चन..!!

Image
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती...।। नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर, सौ बार फिसलती है..

#प्रेरक कविता- नर हो, न निराश करो मन को :: मैथिलिशरण उपाध्याय

Image
नर हो, न निराश करो मन को... कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ नाम करो यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो समझो जिसमें यह व्यर्थ न हो...

ओम् नमः शिवाय!! तांडव है और ध्यान भी वो है,अज्ञानी का ज्ञान भी वो है!!

Image
ना आदि,ना अंत उसका वो सबका,ना इनका - उनका ! वही शुन्य है,वही इकाय जिस के भीतर बसा शिवाय !

#जानना जरूरी है:: मैंने देखा है गाडी में सवार सभ्य लोगो को...

Image
।।   मैंने देखा है   ।।। मैंने देखा है गाडी में सवार सभ्य लोगो को सड़क पर गाय- भैस के आ जाने पर उन्हें दुत्कारते हुए, चरवाहे को हडकाते हुए और सुबह ग्वाले के पास जा गाय-भैस का दूध मांगते हुए । - मैंने देखा है समाज के बुद्धिजीवियों को गाय को घर के सामने से भगाते हुए और फिर ग्रहों की शांति के लिए उसी गाय को गुरूवार को गुड रोटी खिलाते हुए । - मैंने देखा है

प्रेरक किस्सा: माँ मैं एक पार्टी में गया था.तूने मुझे शराब नहीं पीनेको कहा था...।

माँ मैं एक पार्टी में गया था. तूने मुझे शराब नहीं पीने को कहा था, इसीलिए बाकी लोग शराब पीकर मस्ती कर रहे थे और मैं सोडा पीता रहा. लेकिन मुझे सचमुच अपने पर

कविता: जीवन को सरल रखिये- गुलजार की कविता...

गुलजार की कविता...। कुछ हँस के     बोल दिया करो, कुछ हँस के     टाल दिया करो, यूँ तो बहुत     परेशानियां है तुमको भी     मुझको भी, मगर कुछ फैंसले     वक्त पे डाल दिया करो, न जाने कल क...

Poem: ✍काश तुम एक बार तो कहती कि मैं तुम्हें नहीं छोड़ सकती""❣

*_VERY NICE LINE_* *_JARUR PADHE_* 🌹💕💞❤❣🏡💝 🌹एक दिन चिड़िया बोली - मुझे छोड़ कर कभी उड़ तो नहीं जाओगे❣ 🌹चिड़ा ने कहा - उड़ जाऊं तो तुम पकड़ लेना.❣ 🌹चिड़िया-मैं तुम्हें पकड़ तो सकती हूँ, पर फिर पा तो नहीं ...

कविता..! आहिस्ता चल जिंदगी,अभी... कई कर्ज चुकाना बाकी है...

Image
क्या खूब लिखा है -

Poem: एक खूबसूरत सोच...! क्या खूबसूरत रिश्ता है मेरे और मेरे भगवान के बीच...

‬:👌::  एक   खूबसूरत   सोच   ::👌:                      अगर कोई पूछे कि जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया ? .... .... तो बेशक कहना, जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी और जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरब...

कविता: किसी के गजरे की खुशबु को, महकता छोड़....

एक सैनिक ने क्या खुब कहा हैं.!!! **************************** किसी के गजरे की खुशबु को, महकता छोड आया हुँ.!! मेरी नन्ही सी चिडीया को, चहकता छोड आया हुँ.!! मुझे छाती से अपनी तु लगा लेना एे भारत माँ, मैं अपनी माँ ...