दोस्तो दिल थाम कर पढना बहुत ही नायाब पेश कश की है देश के जवानो के नाम... आ जाओ मेरे सिपाही..... दीवाली का वादा था, अब होली पर तो आ जाना, तुम बिन क्या तीज त्योहार,बस बच्चों को है बहलाना । नही लगता है मन कहीं भी, थम गये हैं मेरे रात दिन, रुक गया है जैसे जीना, बस है साँसो का ताना बाना । थरथराते हैं मेरे हाँथ सजन, जब छूती हूँ भेजे रुपये, खर्चने को मन करता नही, चूल्हा भी नही चाहती बुझाना। सहलाती रहती हूँ वो साड़ी, जो लाये थे पिछले सावन, पहनूंगी जब तुम आओगे, अभी तो ठीक है वही पुराना । कटती नही है मुझसे प्रियतम, ये लंबी लंबी राते , होते जो पास तो सो जाती, लेकर बाँहों का सिरहाना । देकर मुट्ठी भर चाँदनी, भर गये अमावस आँचल में, बैरागन सी फिरती हूँ, बस काम ख़तों को है दोहराना । बैठी हूँ राह देखती मैं ,आ जाओ मेरे सिपाही तुम, लहराते आना तिरंगा हाय, न इसमे लिपटकर आ जाना, मातृभूमि की रक्षा मे, दिया है मैने सब सुख अपना, पर कसम तुम्हे भवानी माँ, सिंदूर मेरा हर हाल बचाना।